अलविदा, मदन पाल जी!

वरिष्ठ गीतकार मदन पाल का 15 दिसम्बर को मुम्बई में निधन हो गया। वें 66 वर्ष के थें। दाह संस्कार के लिए उनके पार्थिव शव को दिल्ली ले जाया गया।

दो दशकों से भी लम्बे कैरियर में उन्होंने दिल का आलम मैं क्या बताऊँ तुम्हें (आशिक़ी, 1990) बन ठन चली (कुरुक्षेत्र, 2000), मरहबा मरहबा (दीवार: लेट्स ब्रिंग आर हीरोज़ होम, 2004) जैसे गाने लिखें।

स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन श्री मदन पाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। हम ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं।

मदन पाल जी की फ़िल्मोग्राफ़ी इस लिंक पर उपलब्ध है: www.imdb.com/name/nm1007819/

 

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