Monthly Archives: May 2016

घनघोर अँधेरे हैं (कविता) – शशिकांत जुनेजा

घनघोर अँधेरे हैं … घनघोर अँधेरे हैं

बाद अंधेरों के भी तो ना रुकते सवेरे है

कोई भरम ना अखिओं का अखियाँ सोती हैं

रात ज़रूरी अखिओं को ,फिर सुबह होती है

आँख मिचोली करते हरदिन शाम सवेरे हैं

घनघोर अँधेरे हैं……..

आँख. खुली तो रोशन पाया मैंने उसका चेहरा

रात अँधेरी में आ कर के चंद किरणों ने घेरा

काली रात में ही  तो लगते चाँद के फेरे हैं

घनघोर अँधेरे हैं…..

चाँद की किरणे भीतो,शायद यूँ शर्माती हैं

एक पक्ष में खुलती हैं, गायब हो जाती हैं

रात चांदनी में ही तो दिखते, चंचल चेहरे हैं

घनघोर अँधेरे हैं…….

सूरज और चन्दा का है, कैसा ये याराना

एक ने जब जाना है, तो है दूजे ने आना

जाने कौन लगाता किसके कितने फेरे है

घनघोर अँधेरे हैं….

क्यों उलझी है सारी दुनिआ कैसे चक्कर में

बंधा हुआ है हर बन्दा,कर्मों के चक्कर में

नहीं लगाने हाँ मैंने ,लाख चौरासी फेरे हैं

घनघोर अँधेरे हैं………..

Juneja SHASHI KANT (J Sk)

चंद्रमुखी – (गीत) – शिवराज सागर उन्नावी

चन्द्रमुखी 

   रिकार्डेड म्युजिक अल्बम

गीतकार     शिवराज सागर उन्नावी

गायक     शाहिद वालिया

संगीतकार   शिवराज सागर उन्नावी


मुखडा

शादी के पहले चन्द्रमुखी

शादी हुई तो बनी सूरजमुखी

बाद उसके फटी तुम ज्वालमुखी

अब हम भी दुखी और तुम भी दुखी

अंतरा 1

शादी के पहले मजा ही मजा

शादी हुई तो सजा ही सजा

अब मेरा है बारा बजा

धडकन खतम और सांसे रुकी —-

अंतरा 2

टूट गये सब ख्वाब इश्क  के

बिखर गये सब गुलाब इश्क के

बचा रोमांश का चान्स कहां

अब हम भी बिजी और तुम भी बिजी —-

अन्तरा 3

क्या सोचा था क्या हो गया

करके शादी धोखा हो गया

कितनी हसीन थी ये जिन्दगी

अब ये मगर नही इतनी इजी —–

Contribution from: Shivraj Sagar Unnavi
Email: shivrajsagarunnavi@gmail.com

 

गीत – मेरी राहों में पड़े (बाग़ी) समीक्षा – अमित तिवारी

SONG  REVIEW
गीत – मेरी राहों में पड़े
गीतकार – अभेन्द्र कुमार उपाध्याय  (ABHENDRA KUMAR  UPADHYAY)
संगीत एवं गायन – अंकित तिवारी       (ANKIT  TIWARI)
समयावधि – 5 minute 28 second in audio and 2 minute 30 seconds
approximate in two Parts in
Movie
गीत रिलीज़ – 29 मार्च 2016
शैली – विरह गीत    (SEPARATION SONG)
फिल्म – बाग़ी (BAAGHI)
On the view of  Lyrics – गीत की रचना मूल रूप से दो प्रेमियों के
बिछुडने को ध्यान में रखकर की गई है, अभेन्द्र ने शब्दों का चुनाव सूझ
बूझ के साथ किया है साथ ही इन्हें सहजता से गीत को काव्य में पिरोया है,
श्रोता आसानी से गीत के भावों को समझ सकते हैं गीत की लोकप्रियता से इस
बात का अन्दाजा लगाया जा सकता है । अभेन्द्र कुमार द्वारा गीत मेरी राहों
में पड़े तेरे पैरों के निशान… सराहनीय प्रयास है ।
On  the view of Music composition – अलग तरह का संगीत सुनकर सुकून
मिलता है, separation Song  होने के बावज़ूद अंकित तिवारी ने कर्ण प्रिय
धुनों से गीत को सजाया है जो की प्रचलित पारम्परिक संगीत को follow नहीं
करता है यही संगीत को सबसे अनूठा बनाती है .
On  the view of  Singer –  गीत में शब्दों का उच्चारण गायक के रूप में
अंकित तिवारी ने सही ढंग से किया है  साथ ही गीत के मध्य व अन्त में ho
ooo hoo hooo he he da da na  na, aeee aajaa mahi जैसे विलाप पूर्ण
रून्दन गीत में दर्द को बयां करता है।
Faults –  1.गीत का फिल्म रिलीज के महज़ 4 दिन पहले वीडियो प्रोमों के
साथ Launch  किया जाना.
2. गीत का फिल्म में दो टुकडों में होना साथ ही गीत की समयावधि में
भारी कटौती की गई है, इसके अंश इस प्रकार है,
“बिन तेरे देखूं मैं, ज़रा सा लगूं
ग़म से ही आजकल भरा सा लगूं
छोड़ दे साथ ना ज़िन्दगी  मेरी
सोच के बात ये, डरा सा लगूं

गिरते उन आंसुओं में
कुछ तो तुझसा लगे हैं
इन अश्कों में मैं ना खोता

अगर तू होता तो, ना रोते हम
अगर तू होता तो, ना रोते हम
अगर तू होता तो, ना रोते हम
अगर तू होता तो, ना रोते हम”
किसी भी गीत के साथ इस तरह का बर्ताव उस गीत के प्रशंसकों को थोड़ा मायूस करता है ।

SONG REVIEW BY AMIT KUMAR TIWARI
(गीत की समीक्षा स्वतन्त्र गीत समीक्षक के रूप में की गई है)
amitapkamitra@gmail.com

शेरी नशिस्त और कवि गोष्टी की परंपरा का अगला चरण

प्रिय सदस्यगण, नमस्कार

फिल्म रायटर्स एसोसिएशन की माहाना शेरी नशिस्त और कवि सम्मेलन की पिछली सभा का आयोजन कार्यालय परिसर में सोमवार दिनांक 30 मई 2016 शाम 5.00 बजे को संपन हुआ !

कार्यक्रम के वीडियोस website पर upload किये हैं. कार्यक्रम के अगले चरण की सभा की तारीख़ तय होते ही मेंबर्स को website पर और ईमेल द्वारा सूचित किया जायेगा.

जो सदस्य अपनी कविता/ग़ज़ल/नज़्म पढ़ना चाहते हैं कृपया सूचना मिलते ही अपने नाम FWA कार्यालय में लिखवा दें. ध्यान रहे समय की कमी को देखते हुए केवल पहले दस कलाकारों को ही रचना पढ़ने का अवसर दिया जा सकेगा. 

यह कार्यक्रम नियमित रूप से प्रति मास चलता है. कार्यक्रम की सूचना हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी तथा ईमेल द्वारा भी आप को सूचित किया जाता रहेगा.

श्रोता सदस्यों से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में आ कर शेरी नशिस्त और कविता का आनंद लें और कवियों का मनोबल बढ़ा कर कार्यक्रम को सफल बनाएं!

धन्यवाद   

भवदीय

जलीस शरवानी

अध्यक्ष

FWA के कवि गोष्टी और शेरी नशिस्त की महफिलों की नयी पुरानी रिपोर्ट्स और videos की लिंक यहाँ दी है, कृपया देखे, like करे, share करे, अपने कमेंट्स हमे भेजे. धन्यवाद, शुक्रिया.

http://fwa.co.in/blog/category/newsnnotices/newsnreports/kavigoshti-n-sherinashist/

बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर – अमित कुमार शर्मा

बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर क्या तस्वीर बानी है
हर तरफ हिंसा का बारूद है नफ़रत की इक बन्दूक तनी है
बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर क्या तस्वीर बानी है

सत्ता के भूखे भेड़िये बस कुर्सी के दीवाने है
दगाबाज़ी के फरमान, खुदगर्ज़ी के बहाने है
दौलत के नशे में लोग यंहा इस क़दर अंधे हैं
खोलें हैं दहशत की दुकानें करते मौत के धंधें है
फिज़ाएँ है खामोश फिर भी जाने ये कैसी सनसनी है
बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर क्या तस्वीर बानी है
हर तरफ हिंसा का बारूद है नफ़रत की इक बन्दूक तनी है

मज़मा लगा है बाज़ार में इंसानियत नीलाम होन को है
ईमानदारी की बोलियाँ लग रही ज़मीर वज़ूद खोने को है
इस दौर में अब तो यहां हर गली में इन्सान लूटता है
न आवाज़ लगता है कोई न मदद को कोई हाथ उठता है
लम्हे लम्हे हैं बस तबाही के मंज़र, ज़र्रे ज़र्रे इक आगज़नी है
बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर क्या तस्वीर बानी है
हर तरफ हिंसा का बारूद है नफ़रत की इक बन्दूक तनी है

AmitKumarSharma1

अमित कुमार शर्मा
amitabh9950@gmail.com

29 अप्रैल 2016 की महफ़िल के वीडियोज

FWA की शेरी नशिस्त और कवि गोष्टी की पिछली माहाना सभा शुक्रवार दी. 29 अप्रैल 2016 को, कार्यालय में परिसर में आयोजित की गई. पेश है कार्यक्रम के वीडियोस ..

देखें , like और share करें.. और कलाकारों का हौसला बढ़ाये.

 

Archana Pandey

Avnish Kumar

Hema Chandani

Irfan Tariq Khan

Ishwar Dev

Krishna Kumar Bansal

Rahul Yadav

Rajnish Prajapati

Anant Mutreja

Bhagwandas Vidrohi

Kamal Dev

Manjulata Mohpatra

Munish Kumar

Rajkumar Sharma

S S Panwar

Ramkishore Sahu

Ravi Yadav

Rehan Khan

Sanjay Sharma

Shruti Bhattacharya

Sonabh Tripathi

Syed Nazar Imani

Syed Nisar Ahmed

Tauqeer Malik

Usha Saxena

Vipul Joshi

Thank You for Watching.